जब भी हमें लगे किसी महिला को हमारी मदद की आवशयकता हे तब हमें उसकी मदद करनी चहिये। फिर चाहे उसने हमारी मदद न मांगी हो,हो सकता हे की उसे मदद की अत्यघिक आवशयकता हो और वो संकोच कर रही हो।
आज समाज में लोग अन्तर्ममुखी हो गए हे, ऐसे में माहिलाओ की स्थति और खराब हे। आज के समय में महिलाओ को अन्य महिलाओ की मदद के लिए स्वयं आगे आना चाहिए। कार्यालयों में भी साथी महिलाऔ के साथ हो रहे अभद्र व्यवहार के लिये मिलकर विरोध करे,कार्य में भी पुरुष सहयोगिगियो की तुलना में कम आंकने या समान कार्य के लिए कम वेतन गलत हे ऐसी किसी भी स्थति में महिलाओ को सामुहिक रूप से विरोध करना चाहिए।
हमारी की गई मदद किसी को रहत पंहुचा सकती हे हमे हमेशा अपने आस पास दिखने वाले किसी भी व्यक्ति की मदद के लिए तैयार रहना चाहिए।पता नहीं कब हमे स्वयं किसी की मदद की आवशकता पढ जाये।
आज समाज में लोग अन्तर्ममुखी हो गए हे, ऐसे में माहिलाओ की स्थति और खराब हे। आज के समय में महिलाओ को अन्य महिलाओ की मदद के लिए स्वयं आगे आना चाहिए। कार्यालयों में भी साथी महिलाऔ के साथ हो रहे अभद्र व्यवहार के लिये मिलकर विरोध करे,कार्य में भी पुरुष सहयोगिगियो की तुलना में कम आंकने या समान कार्य के लिए कम वेतन गलत हे ऐसी किसी भी स्थति में महिलाओ को सामुहिक रूप से विरोध करना चाहिए।

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ReplyDeleteThank you so much
ReplyDeleteGreat view
ReplyDeleteI'm happy that there is a blog for girls
ReplyDeletei appreciate For this initiative that you have started
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